बॉम्बे हाईकोर्ट की कड़ी आपत्ति के बाद महाराष्ट्र FDA ने सिप्ला फार्मा के पुणे केंद्र का दवा बिक्री लाइसेंस रद्द करने का आदेश वापस ले लिया है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने 50 हजार से अधिक संविदा डाटा एंट्री ऑपरेटरों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। सरकार की अपील खारिज कर 2400 ग्रेड पे बरकरार रखा गया है।
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता ने चीफ जस्टिस आफ इंडिया को कई पत्र लिखकर राजस्थान हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को तुरंत पद से हटाने की मांग की है।
जबलपुर हाई कोर्ट ने हरदा के भगवती नर्सिंग होम मामले में राज्य सरकार को स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं। जानिए क्या है पूरा मामला और दोषियों की भूमिका पर कोर्ट का रुख।
झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं-13वीं JPSC परीक्षा और नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है।
देश की चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता मजबूत करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि चुनाव में गलत तरीकों और धांधली के आरोपी उम्मीदवारों पर दर्ज आपराधिक केसों को राज्य सरकारें अपनी मर्जी से वापस नहीं ले सकेंगी।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 34 करोड़ के धान परिवहन घोटाले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे राज्य में व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। फर्जी वाहनों से धान ढुलाई के मामले में सभी जिलों के कलेक्टरों और EOW से रिपोर्ट तलब की गई है।
मध्य प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के लापता होने के आंकड़ों ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश में औसतन हर दिन 130 से अधिक महिलाएं और बच्चियां गायब हो रही हैं। याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने वर्ष 2023 के बाद से लापता महिलाओं और बच्चों के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं, जिसके कारण 2024 से 2026 तक का कोई आधिकारिक डेटा उपलब्ध नहीं है।
पटना हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि हिंदू विवाह को वैध साबित करने के लिए केवल मतदाता सूची या भरण-पोषण का आदेश पर्याप्त नहीं है। विवाह हिंदू रीति-रिवाज और आवश्यक रस्मों के साथ संपन्न हुआ हो, इसका प्रमाण देना जरूरी है।
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन को लेकर दायर याचिका ने सरकारी प्रक्रिया की समय-सारिणी पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने दावा किया कि बोर्ड के पुनर्गठन से जुड़ी नोटशीट पर रात एक बजे हस्ताक्षर किए गए।






















